/sa/ - sahitya

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/हिं/ - पहला संस्करण Anon 08/19/2022 (Fri) 20:16:30 ID:f78293 No. 16
किसी भी हिंदी साहित्य-सम्बंधित सामान्य चर्चा का यहाँ स्वागत है। इस संस्करण का मुख्य विषय है ऐसी उत्कृष्ट पुस्तकें, जो इस बोर्ड के हर नौसिखिये को पढ़नी चाहिए। मुद्दा यही है कि हम अपनी ख़ुद की हिंदी साहित्य की ऐसी सूची (लिस्ट) बनाए जो हर किसी को पढ़नी चाहिए। कृपया सिर्फ देवनागरी (या अगर सख्त़ ज़रूरत हो, तो नस्तालिक़) लिपि का प्रयोग करें। गूगल इनपुट टूल्स अन्य भारतीय भाषाओं के लिए: https://rajbhasha.net/drupal514/google+input+offline+Microsoft+hindi+installer रेखता, एक डिजिटल पुस्तक संग्रह हिन्दुस्तानी शेर व शायरी के लिए: https://www.rekhta.org/ कृपया अपने ग़ैर-ज़रूरी राजनैतिक विचार यहाँ न लायें, सिवाय राजनैतिक साहित्य।
>>16 http://library.bjp.org/jspui/ ईधर कफ़ी पुस्तके मिलेगी https://www.thejaipurdialogues.com/books/
>>24 Linux mein Hindi mein likhna dar dard hai. Kisi ke paas koi upay ho to bataiye.
>>25 Run setxkbmap us,in ,hin-wx grp:win_space_toggle Then press "Win + space" to switch to the Hindi keyboard and the same to switch back. The Hindi keyboard is called hin-wx, which mostly uses Latin mappings. E.g. the key "k" corresponds to क, "shift + k" corresponds to ख.
>>16 >>24 धन्यवाद ऐनन । जिनको हिन्दि मे लिखना हो वे ctrl + shift के माध्यम से किंबोर्ड ईनपुट बदल सकते हैं । >https://typingsansar.com/hindi/inscript/typing-tutor?courseLevel=0&&lessonLevel=0&&lessonIndex=0 युज़ दिस टु लर्न इनस्क्रिप्ट टाइपिंग । हर दिन एक अध्याय करो, पंदरह से बीस दिन मे सीख जाओगे । https://en.wikipedia.org/wiki/InScript_keyboard दो तरह के किबोर्ड लेआउट कॉमन है, दिस इजं ऑफिसिल वन, अपनी सरकार कि तरफ से । Remington keyboard लेआउट इजं ऑलसो कॉमन ।
>>16 >>24 वैसे धन्यवाद, पर बेहतर होगा कि अगर तुम स्वयं अपनी पसंदीदा पुस्तकों बताओ।
>>25 बोलनागरी कुंजीपटल डाल लो अनाम।
>>16 हिंदी का पाठन करना बहूत मुश्किल साबित हो रहा हैं (अंग्रेज़ी के मुकाबले); लैटिन अक्षरों को पढ़ना ज़्यादा आसान लगता हैं। उपाय?
>>74 अनुभव ही समाधान है, कोशिश करते रहो दोस्त
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>>74 अभ्यास से ही हो पायेगा, मेरे ख़याल से अगर तुमने दो-चार और दिन लगातार थोड़ा प्रयास किया देखते-देखते इतना फ़र्क पड़ेगा बग़ैर जाने। मैं कहता हूँ कि समाचार+हलकी से शेर व शायरी पढना तुम्हारे लिए मुनासिब होगा। शायरी (या और शुद्ध हिंदी की कविताओं) का प्रत्यक्ष फ़ायदा है कि लम्बे वाक्यों को झेलने की ज़रूरत नहीं पड़ती, जो तुम्हारी मुख्य समस्या होगी। रेखता का लिंक मूल पोस्ट पे है, वहां के होमपेज को अगर थोडा पढ़ लो कम-से-कम आँखों को थोड़ी आदत पड़ेगी। सम्बंधित चित्र मैं ऑक्सफ़ोर्ड की जो शब्दकोष है, ज़रूर ख़रीदना। कठिन शब्द सामने आते रहते हैं, अगर याद रहेंगे तो उन्हें पढने की आदत पड़ेगी। (tldr if you struggle to read this, read poetry and then try reading some news, link to a poetry website is in the original post; and buy a dictionary because you'll give up far less often if you can quickly refer)
>>74 अच्छा, और अगर तुम्हारी दैनिकी अथवा डायरी लिखने की आदत है, कुछ दिन उसे हिंदी में लिखने की कोशिश करो। तुम्हारी भाषा की उत्तमता अथवा क्वालिटी बढ़ेगी, यदि तुम शुद्ध हिंदी में लिखने का प्रयास करो। ज़ाहिर है कि लिखने से देवनागरी लिपि पढने में भी धीरे-धीरे सरलता भी महसूस होगी।
>>76 >>80 सत्य मैं चोथी तक हिंदी में एक पंक्ति भी स्पष्ट रूप से पढ़ नहीं पाता था । उस वर्ष गर्मी की छुट्टी में बहुत हिंदी पढा और जब तक पाठशाला लौटा तब तक बहुत तरक्की कर चुका था। रोज़ हिंदी का समाचार पत्र पढो, १० मिनट ही सही
>>25 मैं लिब वर्णंम का प्रयोग करता हूँ
>>80 >मुनासिब मुल्ला साला >>91 हिंदी पढ़ा नहीं, हिंदी पढ़ी
>>76 >कोशिश प्रयास
>>76 >दोस्त मित्र
>>74 >>91 >>83 क्या आप लोग दक्षिण भारत से हैं ?
>>94 अगर मुझे उचित लिखना है तो उचित मुनासिब तो मुनासिब। >>96 भोसड़ीके या तो कुछ असली योगदान कर या चुप बैठ। अगर इतनी ही गांड जल रही है तो जो अपनी साफ़ ज़बान है किसी सार्थक सन्दर्भ में चालाओ। कोई असली पढाई-लिखाई होती नहीं है साले अनपढ़ गंवारों से, और किसी और को करने भी नहीं देंगे आ के हर जगह राजनीति पेलेंगे। चूतिये >>97 यूपी का हूँ बम्बई में बसा
>>97 दिल्ली से हूं
>>102 मुल्ले की गांड जल गयी हाहाहा
>>16 What are some good resources to learn Hindi?
>>115 What's your proficiency level? Do you speak the broken kind or you can't speak even a lick of Hindi?
>>115 Search for class 6 to 12 hindi grammar ncert pdf. After that class 6-12 ncert hindi literature.
>>127 If you do know basic Hindi, this is your best bet
>>124 Very broken. I learned Devanagari so I can read the script but my speech and writing is pretty bad. >>127 Alright thanks anon.
>>129 NCERT would be decent then. Stay resolute though, and don't feel ashamed in speaking the best Hindi you can manage. I grew up in the South so I basically had to learn actual spoken Hindi from scratch when I moved back North. Thankfully I'm Northie and have a religious background so my written/literary Hindi was surprisingly decent. Stay put and let us know how it goes
>>140 Thanks anon, will do.
NCERT की बाकी किताबें कितनी भी बुरी हो या कैसी भी हो, लेकिन एक बात पर तो शायद मुझसे सहमती होगी की NCERT हिंदी भाषा में जिस साहित्यिक स्तर के लेख और कहानियाँ प्रकाशित करती थी, हमारी अंग्रेजी पुस्तकें उसके सामने कुछ भी नहीं थी। सच कहूँ तो मेरी हिंदी में असली रूचि NCERT पुस्तकों को पढ़ने के बाद ही विकसित हुई थी। मैं एक निजी विद्यालय में पढ़ा करता था, जहाँ पर नौवीं कक्षा तक निजी प्रकाशन घरों की पुस्तकों का पठ्यक्रम था। NCERT पुस्तकों ने मेरी जितनी रूची हिंदी साहित्य में बनायीं, उतनी ही अंग्रेजी साहित्य से हटाई भी थी। NCERT की अंग्रेजी पुस्तकें एकदम गुड़ गोबर है
>>153 NCERT की संस्कृत पुस्तक भी वाक़ए में अच्छी है। व्याकरण वगैरह सिखा देता है पर बहुत बढ़िया रीडर के तौर पे भी काम करता है। सामान्यतः NCERT की बाक़ी पुस्तकें भी इतनी बुरी नहीं हैं। बस उनकी छपाई सस्ती है
>>16 ये रेख्ता तो उर्दू की वेबसाइट है, शायरी, कविताएँ और साहित्य तो काफी अच्छा है इस साइट पे वैसे। मैंने सुना था की रेख्ता के संस्थापक संजीव सैराफ हिंदी साहित्य के लिए भी ऐसी एक वेबसाइट पर काम कर रहे है
>>172 मिल गयी hindwi.org ये रेख्ता के संस्थापकों के द्वारा चलित सेवा है, हिंदी भाषा के लिए। रेख्ता जितनी अच्छी तो नहीं, लेकिन रेख्ता की तुलना में बहुत नयी है।
>>173 जैसी भी हो, हिंदी नामक पोस्ट में उर्दू लिंक डालने से तो बहतर है। सधन्यवाद, अगले थ्रेड में इस लिंक को डाल लूंगा। (परंतु रेखता को फिर भी थोड़े और नीचे शामिल करता रहूंगा) हिंदवी साइट देखने पर काफ़ी अच्छी लगी। अगर हो पाए तो क्या आप कुछ हिंदी साहित्य की सिफारिशें दे सकते हैं? मैने अपनी पसंदीदा कार्यों को शामिल नहीं किया चूंकि (शर्म की बात है कि) मेरी हिंदुस्तानी भाषा की पढ़ाई ज्यादातर उर्दू में हुई है। पिछले कुछ सालों में मैने काफी आस–पास के हिंदी कवियों तथा लेखकों के कार्य पढ़े हैं, पर तब भी इस विषय में मुझे कोई ख़ास बांटने लायक चीज़ें नहीं पता, और मुझे स्वयं थोड़ी सहायता चाहिए।
>>174 क्या आप किसि अनुवाद सेवा के द्वारा लिख रहें हैं ?
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वैसे मैंने ज़्यदा हिंदी उपन्यास तो नहीं पढे लेकिन जो पढे हैं उन्मे सब्से प्रिय महदेवी वर्मा का उपन्यास मेरा परिवार है
>>196 टाप केक् यारों मुझे इस किताब के अंदर ये चूतिया लेख मिला । जब मैं ६-७ कक्षा में था तब मेरे पिता मुझ से लेख लिखवा कर ये देखा करते थे कि मेरी हिंदी कैसी है । मै वैग्यानिक कल्पना का चोदा ना जाने क्या क्या चुतियाप लिखा करता था ।
>>28 यह् फिडोरा मे नही चला >>93 यह् आधारीत‌‌ लग् रहा‌‌ है। आज‌ उप्योग् करुगा
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>>199 >इस ग्रह की सोच की सीमा ब्रह्माण्ड या समान्तर ब्रहमां तक नहीं परन्तु अपने पड़ोसियों के महेंगे गाड़ी तक है >बस एक प्रतिशत जनसंख्या को समझ में आती है >इस सोच के साथ भी मनुष्य कुछ उखाड़ नहीं सकता इस बकचोद बुद्धिजीवी ने जन्म से ब्लैकपिल ली रक्खी है >>196 चलता है लोल बाद में शायद रविवार को अपनी ख़ुद की सिफारिशें पोस्ट कर लूँगा। मैंने हिंदी साहित्य में काफ़ी कुछ पढ़ा रखा है परन्तु मुझे लगा यहाँ के लोगों से इस विषय पे थोड़ी और गहराई का ज्ञान मिलता। >>195 नहीं तो, पूछना कैसे हुआ?
>>199 आप दक्षिण भारत से हो?
>>208 हैं* कर्णाटक में पला–बड़ा था, क्यों?
>>208 नहीं, दिल्ली से‌ हूँ भाई अंग्रेज़ी मध्यम कि शिक्षा का पीढित हूँ जिस उम्र में भाषा कि धारणा नही जानता था, उस उम्र मे अंग्रेज़ी हल्क मे घुसा दी गयी थी। इस करण बचपन में हिंदी कमज़ोर थी
>>213 कम से कम तू बाक़ी इंचभंगियों जैसे नहीं है जिनको अपनी भाषा में लिखने से शर्म आती हो। यहां अधिकतर लोगों की हालत तेरे जैसी ही है तो ठंडा ले
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ये पुराने हिन्दी साहित्यकारों कि कहानियाँ इतनी नकारात्मक क्यों होती हैं ? मैनें अब तक कजितने भी माहान साहित्यकारों के लेखों को पढा है,सब कहानियों मे‌ पात्रों के साथ बुरी घाटनाएं घटती है, और अगर पात्र के साथ कुछ बुरा न हो तो उसके आम तौर पर उस कहानी में वे अपने पर्यावरण का विश्लेषण कर के उसके दुख-दर्द दिखाता है। क्या स्वत्ंत्रता के पेहेले लोग केवल‌ दुख दर्द कि कहानियाँ ही लिखा करते थे ? भले ही समजिक पीढ़ा हो या घरेलू मिया बीबी का झगडा, होगी तो पीढ़ा ही
>>293 https://www.youtube.com/watch?v=RtWfnILctiA भारतेंदु हरिश्चन्द्र जी को सुनिये। प्रेमचंद तो कुवांरे लेखक हैं, चैड लेखक पढिये एनॉन जी
>>295 धन्यवाद अनोन जी
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>>16 नीतिनिधि Is pustak ki ebook kisi anon ke paas hai ?
>>293 मुझे लगता है कि भारतीय किसानों और मजदूर वर्ग के अत्यधिक औपनिवेशिक शोषण के कारण जो उस समय अंग्रेजों द्वारा हो रहा था। कहानियों को निराशावादी दृष्टिकोण की ओर ले जाना उचित था| प्रेमचन ने जिस तरह अपनी कहानियों के माध्यम से उस सभ्यता का दुखद प्रतिनिधित्व दिखाया जो धीरे-धीरे अपने औपनिवेशिक आकाओं के हाथों मर रही थी, वास्तव में एक उत्कृष्ट कृति थी।
>>318 हाँ इस बात को तो मैं भी सहमती देना चाहूंगा की उस समय जितने कष्ट थे, जितनी पीढ़ा थी उस वातावरण में हसीं ख़ुशी के बखान करना एक अच्छे साहित्यकार के लिए बहुत कठिन काम रहा होगा।
>>293 क्योंकि सब कुछ खत्म हो चुका है ये बात उन्हें पहले से पता थी शायद।
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कुछ नयी पुस्तकें ली हैं ये चार तो आ गयी एक दो और है जो आनी बाकी हैं वैसे, स्वामी विवेकानन्द कि किस पुस्तक से मुझे आरंभ करना चाहिये ? मेरे अनुसार कर्मयोग से एक अच्छा आरम्भ होगा
is this thread an hindi learning general?
maa chudao hindi waalo, Pali seekho ya sanskrit. Hindi loosers ki bhaasha hai.
>>360 एकदम आधारित स्वामी जी की पुस्तकें काफी सरल हैं समझने में
>>363 हिंदी भारती भाषाओ का अगला रूप था।
भीष्म साहनी का उपन्यास तामस ख़तम करके मैंने काशीनाथ सिंह जी का उपन्यास कशी का अस्सी पढ़ना प्रारम्भ किया है। मुझे कशी का अस्सी की साहित्यिक संरचना थोड़ी बेतुकी सी लगती है। एक सामान्य उपन्यास जो पात्रों का परिचय, वातावरण की स्थापना और कहानी की एक 'storyline' लेकर चलता है, ये उपन्यास इन सब को भुला के कशी के अस्सी के किस्सों पर केंद्रित है, जहा लेखक का दिमाग जाता है वही ये उपन्यास भी। न ही समय रेखा एक मार्गदर्शक का काम करती है, न ही कोई कहानी या विषय (कशी के अस्सी को छोड़ कर ) जैसे तैसे, लेखन वाकई में काफी अच्छा है। शायद ऐसा अराजक लिखने का तरीका ही कशी के अस्सी को पन्नो पर प्रकट कर सकता है।
>>501 क्योंकि यह उपन्यास उस वातावरण और उसके रसों को दर्शाता है जो उस्से हमारी संस्कृति का हॄदय बनाते हैं । जैसे उपन्यास आगे भड़ता है , व्यवसाईकरण से शहर और पंडितों पर उसका प्रभाव एवं आस्था पे उसका प्रभाव दिखाया गया है ।
कहाँ हो मेरे हिन्दी साहित्य सरहाने वालों ? कोइ नयी खबर ? मै निठल्ले की डायरी पढना आरंब कर रहा हूँ
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>>16 यह एक बहुत अच्छा chart है
>>1306 मुझे गोदान बिल्कुल पसंद नही । प्रेमचंद मुझे रोंदू और बकवास लगते हैं
>>1306 बाकी सुझाव अच्छे हैं ।
>>1306 >Malgudi days यह हिंदभाषी पुस्तक नहीं है।
मेरी हिंदी काफ़ी कमज़ोर है, इसे बलशाली कैसे बनाऊं? मुझे कठिन शब्द समझ में नहीं आते और मेरी शब्दावली (vocabulary) उर्दू से ज़्यादा मेल खाती है, pop culture के कारण। मुझे उर्दू शब्दों के बजाय संस्कृत शब्दों का उपयोग करने में मदद के लिए संसाधनों के लिए सुझावों की आवश्यकता है । क्या कोई ऐसी website है जो मुझे ये बताए की कोई शब्द संस्कृत का है या फारसी/अरबी का? और मैं किताबें पढ़ते समय कठिन शब्दों का अर्थ तुरंत कैसे देख सकता हूँ? अधिमानतः कुछ ऐसा सुझाव दीजिए जो kindle के साथ काम करता हो।
>>1310 https://www.youtube.com/watch?v=_v_-Lk2k0VQ कच्ची विषय वस्तुओं का सेवन करो एनॉन जी । मेरी भी हिंदी अच्छी नही और मैं भी प्रयत्न कर रहा हूँ।
>>1310 मैं परसो तिजोड़ी पुस्तकें यहां दूंगा
>>1307 उस ज़माने के अधिकतर लेखक समाज को नकारतमक द्रिषटी से देखा करते थे। >>1309 उसका हिंदी अनुवाद बहुत अच्छा है।
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>>360 I see you are a man of culture.
>>360 >>364 >नव युग बकवास तुम लोग नहीं सीखने वाले
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>>1310 मुद्रित (प्रिंटेड) शब्दावली का उपयोग सीख सब एप्प व्यर्थ हैं
>>293 वो कम्युनिस्ट काल था
>>1310 Hinkhoj
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>>1372 I aspire to speak like that one day. It's a shame that I can speak fluent english with complex vocabulary, and even Shakespearean English, but not my own language.
>>1376 त में सफलता का अर्थ है अपनी जड़ों से कट जाना। लेकिन कम से कम आप जागरूक हैं। मैं अपनी मातृभाषा और हिंदी पर काम करता हूं, ताकि मैं उन्हें खो न दूं। मैं बस यही कर सकता हूँ।
>>1382 *भारत
>>16 Ahom chong ki message parlour Hai khandaani business Ahom chong ki message parlour Hai khandaani business Thailand se aye hai Leke apni misses . . Sochte hai khud ko hindu sher Brahmin inhe yajna se kare inkar Kanging kare dher dher Height hai feet me chaar . . . Per hour rate 100 rupay hai Karte hai kamai Bada bhai kare chaukidari Chhota lagaye momo thelai . . . Ahom chong ki message parlour Hai khaandaani business Dete message ye bharpur Chahe mummy ho ya missess
>>1385 back to your containment board faggot. It's a board for high IQ people.
>>1389 Original poem composition belongs here
>>295 bharatendu harsishchandra ki kitabon ki pdfs nahi milti andher nagari ke alava, hindi literature ne mujhe bahot frustrate kiya hai, har book mein social message ya toh randiyon ke baare mein ya chamaron ke baare mein, ek kitaab aisi nahi milti jo isliye likhi gayi hai kyuki lekhak ko vo kahaani acchi lagi.
>>1464 > hindi literature ne mujhe bahot frustrate kiya hai, har book mein social message ya toh randiyon ke baare mein ya chamaron ke baare mein बिल्कुल। इसकी जगह विज्ञान , तकनीकी और ढंग के विषयों पे लिखना चाहिए था। कोई बात नही। भारतीय भाषायों को सिर्फ मनोरंजन और मौज की भाषा बना दिया है। इन भाषाओं में व्यापार या व्यवसाय के कार्य भूले जा चुके हैं।
>>1486 quality bhi toh dekh bhai, itne cracks hai, aadhe shabd toh samajh hi nahi aa rahe, padhenge kaise.
>>1485 nahi, mai toh sahitya hi padhna chahta hu par accha, is ghatiya kisam ka nahi.
Hindi bhasha ke itihaas ko jaanne ke liye kaafi ichhuk hoon. Koi batayega mujhe ye kahan mil sakta hai. Mai shuruaat old hindi se lekar ab tak ki baat kr rha hoon vaise. Aur mai maanta hoon ki, hindi ko logon pr thopna galat h aur hindi ko sanskrit ki tarah use krna chahiye aur baaki bhashaye prakrit. Ye bhasha keval official kam tak seemet rahe aur sab padhein. Pr har state mai jon si bhasha vaha gavon mai prachlit hai, usse us state main aadhikarik darja diya jana chahiye aur padhana chahiye. Isi vichardhara ke antargat, mai ye jaanna chahta hoon ki aisa kyu na ho paya aur hindi logon pr zabardasti thopne and prachlit gaavon ki bhashaon ko neech batane ke peeche ki vichardhara kya hai. Agar kisi ko is vishay mai koi khabar jankari hai to mujhe bata de. Shukriya.
>>1489 Hindi is literally khariboli. Thanks to British patronage it gained prominence in colonial era it has erased out all regional languages like brajabhasha, awadhi (such a sweet language language), maithili, bhojpuri etc. It's unfortunate.
>>1490 Worst of all, usse pehle braj was the major literary language in north india. And now, we are stuck with western up ganwar bhasha as our lingua franca.
>>1491 Yes, Khariboli was the lingua franca of the Persianized administrative elite of North Delhi. Hindi has persian as its base. Hindi and urdu are essentially same. Stuffing Hindi with sanskrit words won't make it "Hindu". If Indian govt. is really interested in reviving those old languages, which fuckers have made into 'dialects' of Hindi (they are not). But for that to happen bhandwood needs to destroyed first, it's the biggest reason behind this epidemic of hindi hegemony. t. just started to learn awadhi
>>1493 Wrong. Both hindi ad urdu have sanskrit and prakrit as their base. Taking arabic and persian loan words, wouldn't make urdu something dfferent. Rest is correct, they are not dialects and should be considered indic laguages apart from hindi.
>>1493 Also, good for you learning awadhi. Where are you from buddy?
>>1495 I didn't make any comment on Urdu. But Hindi and Urdu (or hindustani) originated among Persianate elites only. >>1496 Let's keep it secret. But I'm not from hindi belt.
>>1497 Actualy, all the aristocrats only spoke persian. Hind/urdu hatever you call it was seen as a lowly peasant language. Its only in the late 18th cetury when mughals were about to collapse and had very less area left did they accept rekhta (what it was called then) as their language and began using it. Reason for previous rulers using persian was that languages were used by aristocrats to make a line between themselvs and the peasants. Mughals were turkish, but still spoke persian because persian was better than turkish as an literary language. >not speaking mother tongue and learning awadhi Why is that so? Wouldn't it be hard to learn such a language that way?
>>1498 Amir Khusaru, the 'father of urdu literature' made hindustani famous. >>not speaking mother tongue and learning awadhi >Why is that so? Wouldn't it be hard to learn such a language that way? What are you at? I started learning awadhi because of tulsidas.
>>1499 >Amir Khusrau, the 'father of urdu literature' made hindustani famous. Lol no. He primarily wrote in persian himself. Even Ghalib's primarily used language is persian. Writing in rekhta was considered abhorring by ghalib himself. The only time hindavi was given a status in earlier times, to even be compared was by the Suri's. Even in khusrau times, it wasnt the official langauge or anything. And all the Delhi Sultanate, including suris, rulers spoke Turkish, they were ethnic turkish. (Apart from the suris who were afghans). >Hali further adds, “He [Ghalib] did not look upon the ability to write Urdu poetry as an accomplishment; in fact, he thought it beneath him.” Anyways, only after mughals did it start taking shape, hindustani. And it just has different nouns which people came to know about due to administrative purposes, rest all is shauraseni prakrit. >What are you at? I started learning awadhi because of tulsidas. I dont see much people teaching and learning local dialects (let me use this phrase here despite all that discussion), I just thought it might be hard for you. Noone goes around teaching haryanvi or some shit y'know. Those who grew up there, they pick up on it. Rest, all only learn hindi and their mother tongue. Thats, why I was surprised you werent learning your mother tongue
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>>1500 Premchand seems to disagree. >Thats, why I was surprised you weren't learning your mother tongue what makes you think I don't read literature in my mother language? Stop projecting maybe.
>>1502 My main point is that urdu and hindi are inseparable. Modern hindutvabaadis are trying to project hindi as a 'hindu' language by replacing FAT words with sanskrit ones. It won't work and sounds unnatural. They are better off reviving the old languages. They are more 'hindu' than hindi will ever be.
>>1502 Premchand wasnt a historian of languages mate. And hes not disagreeing with me at all. Amir khusrau laid the foundations of hindavi. And 'urdu' the word is quite new as well. The now urdu was called hindi by ghalib as well. >>1503 I agree and it kills the beauty of hindi as well. Hindi with sanskrit words inserted is robotic. Maybe, cuz they should have taken into account the words evolved in prakrit which made it sound natural when no persian counterpart was there. I am not into hindu-islam drama at all. I want hindi aur urdu borders to be abolished. Since, all words in urdu technically are all hindi words and vice versa. Lets just call it hindustaani and its the most hindu thing much to the dismay of zealots on both sides.
Many people say that Urdu is an older language than Modern Hindi. And it is tickling my inferiority complex. Hindi is so young and bad and inferior. Urdu is so rich and old and has Ghalib too. I am thinking of my Hindi heritage (if that even exists) as inferior. In fact many "dialects" are older than "Hindi" lmfao. Thinking Hindi literature is nice is increasingly becoming a massive cope. Even Rekhta Foundation prioritizes Urdu instead of Hindwi and Anjas. The latter 2 don't even have an app. I am becoming sad and bhosadkutta gaandu blackpilled in this matter. Please help me.
>>1509 what 'dialect of hindi' did your ancestors speak in? Try to find it out and study literature in that language. It's tough but not impossible. If you are a maithili or awadhi then you are in luck.
>>1509 Urdu was called hindi back in the days and taught all over north india. Its with independence and nationalisation that modern hindi with sanskritic dependence. Before this, main language literary was braj. Not even urdu. For example, one real brother of my grandpa, he was born before independence, only knew how to read urdu. He was the only one in our village to read an urdu newspaper. One more cool fact, my grandfather told me decimals werent called dashamlav but rather aashariya, which is even now called the same in Pakistan. Now, both of the language speaker can use this but for tradition, ofc dashamlav is new and only used by hindus after independence.. thats why you see Ghalib (claiming hes writing in hindi) now considered a urdu poet and not hindi. For example, The father of hindi literature, Bharatendu was someone who was founding a stable hindu identity demanded hindus to have a language hindi and not urdu. So, you can see, how and in what circumstances this language developed. I think Gandhi was correct with his hindustani alternative but edge lords wont ever listen to him But it doesnt take anything away from the sanskritic register of this language, and it can be as much respectful and beautiful as urdu. And there are good poets. Kabir, Muktibodh, Raghuveer Sahay, Shivmangal Singh Suman. Dhundhe to bhagwan to mil jaayega bhai, kavitayen to bas zara si cheez hai. https://www.hindwi.org/kavita/path-bhuul-n-jaana-pathik-kahiin-shivmangal-singh-suman-kavita
>>1509 And you can also learn sanskrit, there is still tonnes of works still untranslated
>>1511 Absolute state. Thank god I'm a bengali. You can say whatever you want about bengalis but at least we don't have to live with this kind of identity crisis. I can read Krittibasi Ramayan, written in 15th CE with little to no help, and I believe the case most ofeducated bengalis.
>>1514 *most of the educated bengalis
>>1511 >zara si cheez hai lmao. just accept you can't write hindi with FAT.
>>1516 FAT?
>>1514 Most people didnt have an identity crisis. They had their own languages (now termed dislects) with good folk songs and literature (may not be written).
>>1514 > hurr durr Bhangali better than XYZ That's why everyone hates your stupid race lmfao
>>1511 Yeah so I asked from my parents. They said that most likely it was Khariboli only with some Meeruthiya influence. As of my father, he said that his ancestors came to UP from Rajasthan around 1860s.
>>1530 Another thing I forgot to mention was that my grandfather, his father and so on; as well as my grandpa's father, knew Urdu (though not in a native manner, they learnt it from school).
>>1531 >>1530 Yeah, thats the khari-boli belt mate. Ganga Zamuna Tehzeeb :)
>>1535 So what literature to study now? Something with Khariboli and Meerut influence.
>>1538 Get any Hindi/urdu writer man. Haider Ali Aatish, Muktibodh or Vinod Kumar Shukla. Mir Taqi Mir or Jaun Auliya..

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