/sa/ - sahitya

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/हिं/ - पहला संस्करण Anon 08/19/2022 (Fri) 20:16:30 ID:f78293 No. 16
किसी भी हिंदी साहित्य-सम्बंधित सामान्य चर्चा का यहाँ स्वागत है। इस संस्करण का मुख्य विषय है ऐसी उत्कृष्ट पुस्तकें, जो इस बोर्ड के हर नौसिखिये को पढ़नी चाहिए। मुद्दा यही है कि हम अपनी ख़ुद की हिंदी साहित्य की ऐसी सूची (लिस्ट) बनाए जो हर किसी को पढ़नी चाहिए। कृपया सिर्फ देवनागरी (या अगर सख्त़ ज़रूरत हो, तो नस्तालिक़) लिपि का प्रयोग करें। गूगल इनपुट टूल्स अन्य भारतीय भाषाओं के लिए: https://rajbhasha.net/drupal514/google+input+offline+Microsoft+hindi+installer रेखता, एक डिजिटल पुस्तक संग्रह हिन्दुस्तानी शेर व शायरी के लिए: https://www.rekhta.org/ कृपया अपने ग़ैर-ज़रूरी राजनैतिक विचार यहाँ न लायें, सिवाय राजनैतिक साहित्य।
>>16 http://library.bjp.org/jspui/ ईधर कफ़ी पुस्तके मिलेगी https://www.thejaipurdialogues.com/books/
>>24 Linux mein Hindi mein likhna dar dard hai. Kisi ke paas koi upay ho to bataiye.
>>25 Run setxkbmap us,in ,hin-wx grp:win_space_toggle Then press "Win + space" to switch to the Hindi keyboard and the same to switch back. The Hindi keyboard is called hin-wx, which mostly uses Latin mappings. E.g. the key "k" corresponds to क, "shift + k" corresponds to ख.
>>16 >>24 धन्यवाद ऐनन । जिनको हिन्दि मे लिखना हो वे ctrl + shift के माध्यम से किंबोर्ड ईनपुट बदल सकते हैं । >https://typingsansar.com/hindi/inscript/typing-tutor?courseLevel=0&&lessonLevel=0&&lessonIndex=0 युज़ दिस टु लर्न इनस्क्रिप्ट टाइपिंग । हर दिन एक अध्याय करो, पंदरह से बीस दिन मे सीख जाओगे । https://en.wikipedia.org/wiki/InScript_keyboard दो तरह के किबोर्ड लेआउट कॉमन है, दिस इजं ऑफिसिल वन, अपनी सरकार कि तरफ से । Remington keyboard लेआउट इजं ऑलसो कॉमन ।
>>16 >>24 वैसे धन्यवाद, पर बेहतर होगा कि अगर तुम स्वयं अपनी पसंदीदा पुस्तकों बताओ।
>>25 बोलनागरी कुंजीपटल डाल लो अनाम।
>>16 हिंदी का पाठन करना बहूत मुश्किल साबित हो रहा हैं (अंग्रेज़ी के मुकाबले); लैटिन अक्षरों को पढ़ना ज़्यादा आसान लगता हैं। उपाय?
>>74 अनुभव ही समाधान है, कोशिश करते रहो दोस्त
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>>74 अभ्यास से ही हो पायेगा, मेरे ख़याल से अगर तुमने दो-चार और दिन लगातार थोड़ा प्रयास किया देखते-देखते इतना फ़र्क पड़ेगा बग़ैर जाने। मैं कहता हूँ कि समाचार+हलकी से शेर व शायरी पढना तुम्हारे लिए मुनासिब होगा। शायरी (या और शुद्ध हिंदी की कविताओं) का प्रत्यक्ष फ़ायदा है कि लम्बे वाक्यों को झेलने की ज़रूरत नहीं पड़ती, जो तुम्हारी मुख्य समस्या होगी। रेखता का लिंक मूल पोस्ट पे है, वहां के होमपेज को अगर थोडा पढ़ लो कम-से-कम आँखों को थोड़ी आदत पड़ेगी। सम्बंधित चित्र मैं ऑक्सफ़ोर्ड की जो शब्दकोष है, ज़रूर ख़रीदना। कठिन शब्द सामने आते रहते हैं, अगर याद रहेंगे तो उन्हें पढने की आदत पड़ेगी। (tldr if you struggle to read this, read poetry and then try reading some news, link to a poetry website is in the original post; and buy a dictionary because you'll give up far less often if you can quickly refer)
>>74 अच्छा, और अगर तुम्हारी दैनिकी अथवा डायरी लिखने की आदत है, कुछ दिन उसे हिंदी में लिखने की कोशिश करो। तुम्हारी भाषा की उत्तमता अथवा क्वालिटी बढ़ेगी, यदि तुम शुद्ध हिंदी में लिखने का प्रयास करो। ज़ाहिर है कि लिखने से देवनागरी लिपि पढने में भी धीरे-धीरे सरलता भी महसूस होगी।
>>76 >>80 सत्य मैं चोथी तक हिंदी में एक पंक्ति भी स्पष्ट रूप से पढ़ नहीं पाता था । उस वर्ष गर्मी की छुट्टी में बहुत हिंदी पढा और जब तक पाठशाला लौटा तब तक बहुत तरक्की कर चुका था। रोज़ हिंदी का समाचार पत्र पढो, १० मिनट ही सही
>>25 मैं लिब वर्णंम का प्रयोग करता हूँ
>>80 >मुनासिब मुल्ला साला >>91 हिंदी पढ़ा नहीं, हिंदी पढ़ी
>>76 >कोशिश प्रयास
>>76 >दोस्त मित्र
>>74 >>91 >>83 क्या आप लोग दक्षिण भारत से हैं ?
>>94 अगर मुझे उचित लिखना है तो उचित मुनासिब तो मुनासिब। >>96 भोसड़ीके या तो कुछ असली योगदान कर या चुप बैठ। अगर इतनी ही गांड जल रही है तो जो अपनी साफ़ ज़बान है किसी सार्थक सन्दर्भ में चालाओ। कोई असली पढाई-लिखाई होती नहीं है साले अनपढ़ गंवारों से, और किसी और को करने भी नहीं देंगे आ के हर जगह राजनीति पेलेंगे। चूतिये >>97 यूपी का हूँ बम्बई में बसा
>>97 दिल्ली से हूं
>>102 मुल्ले की गांड जल गयी हाहाहा
>>16 What are some good resources to learn Hindi?
>>115 What's your proficiency level? Do you speak the broken kind or you can't speak even a lick of Hindi?
>>115 Search for class 6 to 12 hindi grammar ncert pdf. After that class 6-12 ncert hindi literature.
>>127 If you do know basic Hindi, this is your best bet
>>124 Very broken. I learned Devanagari so I can read the script but my speech and writing is pretty bad. >>127 Alright thanks anon.
>>129 NCERT would be decent then. Stay resolute though, and don't feel ashamed in speaking the best Hindi you can manage. I grew up in the South so I basically had to learn actual spoken Hindi from scratch when I moved back North. Thankfully I'm Northie and have a religious background so my written/literary Hindi was surprisingly decent. Stay put and let us know how it goes
>>140 Thanks anon, will do.
NCERT की बाकी किताबें कितनी भी बुरी हो या कैसी भी हो, लेकिन एक बात पर तो शायद मुझसे सहमती होगी की NCERT हिंदी भाषा में जिस साहित्यिक स्तर के लेख और कहानियाँ प्रकाशित करती थी, हमारी अंग्रेजी पुस्तकें उसके सामने कुछ भी नहीं थी। सच कहूँ तो मेरी हिंदी में असली रूचि NCERT पुस्तकों को पढ़ने के बाद ही विकसित हुई थी। मैं एक निजी विद्यालय में पढ़ा करता था, जहाँ पर नौवीं कक्षा तक निजी प्रकाशन घरों की पुस्तकों का पठ्यक्रम था। NCERT पुस्तकों ने मेरी जितनी रूची हिंदी साहित्य में बनायीं, उतनी ही अंग्रेजी साहित्य से हटाई भी थी। NCERT की अंग्रेजी पुस्तकें एकदम गुड़ गोबर है
>>153 NCERT की संस्कृत पुस्तक भी वाक़ए में अच्छी है। व्याकरण वगैरह सिखा देता है पर बहुत बढ़िया रीडर के तौर पे भी काम करता है। सामान्यतः NCERT की बाक़ी पुस्तकें भी इतनी बुरी नहीं हैं। बस उनकी छपाई सस्ती है
>>16 ये रेख्ता तो उर्दू की वेबसाइट है, शायरी, कविताएँ और साहित्य तो काफी अच्छा है इस साइट पे वैसे। मैंने सुना था की रेख्ता के संस्थापक संजीव सैराफ हिंदी साहित्य के लिए भी ऐसी एक वेबसाइट पर काम कर रहे है
>>172 मिल गयी hindwi.org ये रेख्ता के संस्थापकों के द्वारा चलित सेवा है, हिंदी भाषा के लिए। रेख्ता जितनी अच्छी तो नहीं, लेकिन रेख्ता की तुलना में बहुत नयी है।
>>173 जैसी भी हो, हिंदी नामक पोस्ट में उर्दू लिंक डालने से तो बहतर है। सधन्यवाद, अगले थ्रेड में इस लिंक को डाल लूंगा। (परंतु रेखता को फिर भी थोड़े और नीचे शामिल करता रहूंगा) हिंदवी साइट देखने पर काफ़ी अच्छी लगी। अगर हो पाए तो क्या आप कुछ हिंदी साहित्य की सिफारिशें दे सकते हैं? मैने अपनी पसंदीदा कार्यों को शामिल नहीं किया चूंकि (शर्म की बात है कि) मेरी हिंदुस्तानी भाषा की पढ़ाई ज्यादातर उर्दू में हुई है। पिछले कुछ सालों में मैने काफी आस–पास के हिंदी कवियों तथा लेखकों के कार्य पढ़े हैं, पर तब भी इस विषय में मुझे कोई ख़ास बांटने लायक चीज़ें नहीं पता, और मुझे स्वयं थोड़ी सहायता चाहिए।
>>174 क्या आप किसि अनुवाद सेवा के द्वारा लिख रहें हैं ?
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वैसे मैंने ज़्यदा हिंदी उपन्यास तो नहीं पढे लेकिन जो पढे हैं उन्मे सब्से प्रिय महदेवी वर्मा का उपन्यास मेरा परिवार है
>>196 टाप केक् यारों मुझे इस किताब के अंदर ये चूतिया लेख मिला । जब मैं ६-७ कक्षा में था तब मेरे पिता मुझ से लेख लिखवा कर ये देखा करते थे कि मेरी हिंदी कैसी है । मै वैग्यानिक कल्पना का चोदा ना जाने क्या क्या चुतियाप लिखा करता था ।
>>28 यह् फिडोरा मे नही चला >>93 यह् आधारीत‌‌ लग् रहा‌‌ है। आज‌ उप्योग् करुगा
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>>199 >इस ग्रह की सोच की सीमा ब्रह्माण्ड या समान्तर ब्रहमां तक नहीं परन्तु अपने पड़ोसियों के महेंगे गाड़ी तक है >बस एक प्रतिशत जनसंख्या को समझ में आती है >इस सोच के साथ भी मनुष्य कुछ उखाड़ नहीं सकता इस बकचोद बुद्धिजीवी ने जन्म से ब्लैकपिल ली रक्खी है >>196 चलता है लोल बाद में शायद रविवार को अपनी ख़ुद की सिफारिशें पोस्ट कर लूँगा। मैंने हिंदी साहित्य में काफ़ी कुछ पढ़ा रखा है परन्तु मुझे लगा यहाँ के लोगों से इस विषय पे थोड़ी और गहराई का ज्ञान मिलता। >>195 नहीं तो, पूछना कैसे हुआ?
>>199 आप दक्षिण भारत से हो?
>>208 हैं* कर्णाटक में पला–बड़ा था, क्यों?
>>208 नहीं, दिल्ली से‌ हूँ भाई अंग्रेज़ी मध्यम कि शिक्षा का पीढित हूँ जिस उम्र में भाषा कि धारणा नही जानता था, उस उम्र मे अंग्रेज़ी हल्क मे घुसा दी गयी थी। इस करण बचपन में हिंदी कमज़ोर थी
>>213 कम से कम तू बाक़ी इंचभंगियों जैसे नहीं है जिनको अपनी भाषा में लिखने से शर्म आती हो। यहां अधिकतर लोगों की हालत तेरे जैसी ही है तो ठंडा ले
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ये पुराने हिन्दी साहित्यकारों कि कहानियाँ इतनी नकारात्मक क्यों होती हैं ? मैनें अब तक कजितने भी माहान साहित्यकारों के लेखों को पढा है,सब कहानियों मे‌ पात्रों के साथ बुरी घाटनाएं घटती है, और अगर पात्र के साथ कुछ बुरा न हो तो उसके आम तौर पर उस कहानी में वे अपने पर्यावरण का विश्लेषण कर के उसके दुख-दर्द दिखाता है। क्या स्वत्ंत्रता के पेहेले लोग केवल‌ दुख दर्द कि कहानियाँ ही लिखा करते थे ? भले ही समजिक पीढ़ा हो या घरेलू मिया बीबी का झगडा, होगी तो पीढ़ा ही
>>293 https://www.youtube.com/watch?v=RtWfnILctiA भारतेंदु हरिश्चन्द्र जी को सुनिये। प्रेमचंद तो कुवांरे लेखक हैं, चैड लेखक पढिये एनॉन जी
>>295 धन्यवाद अनोन जी
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>>16 नीतिनिधि Is pustak ki ebook kisi anon ke paas hai ?
>>293 मुझे लगता है कि भारतीय किसानों और मजदूर वर्ग के अत्यधिक औपनिवेशिक शोषण के कारण जो उस समय अंग्रेजों द्वारा हो रहा था। कहानियों को निराशावादी दृष्टिकोण की ओर ले जाना उचित था| प्रेमचन ने जिस तरह अपनी कहानियों के माध्यम से उस सभ्यता का दुखद प्रतिनिधित्व दिखाया जो धीरे-धीरे अपने औपनिवेशिक आकाओं के हाथों मर रही थी, वास्तव में एक उत्कृष्ट कृति थी।
>>318 हाँ इस बात को तो मैं भी सहमती देना चाहूंगा की उस समय जितने कष्ट थे, जितनी पीढ़ा थी उस वातावरण में हसीं ख़ुशी के बखान करना एक अच्छे साहित्यकार के लिए बहुत कठिन काम रहा होगा।
>>293 क्योंकि सब कुछ खत्म हो चुका है ये बात उन्हें पहले से पता थी शायद।
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कुछ नयी पुस्तकें ली हैं ये चार तो आ गयी एक दो और है जो आनी बाकी हैं वैसे, स्वामी विवेकानन्द कि किस पुस्तक से मुझे आरंभ करना चाहिये ? मेरे अनुसार कर्मयोग से एक अच्छा आरम्भ होगा
is this thread an hindi learning general?
maa chudao hindi waalo, Pali seekho ya sanskrit. Hindi loosers ki bhaasha hai.
>>360 एकदम आधारित स्वामी जी की पुस्तकें काफी सरल हैं समझने में
>>363 हिंदी भारती भाषाओ का अगला रूप था।
भीष्म साहनी का उपन्यास तामस ख़तम करके मैंने काशीनाथ सिंह जी का उपन्यास कशी का अस्सी पढ़ना प्रारम्भ किया है। मुझे कशी का अस्सी की साहित्यिक संरचना थोड़ी बेतुकी सी लगती है। एक सामान्य उपन्यास जो पात्रों का परिचय, वातावरण की स्थापना और कहानी की एक 'storyline' लेकर चलता है, ये उपन्यास इन सब को भुला के कशी के अस्सी के किस्सों पर केंद्रित है, जहा लेखक का दिमाग जाता है वही ये उपन्यास भी। न ही समय रेखा एक मार्गदर्शक का काम करती है, न ही कोई कहानी या विषय (कशी के अस्सी को छोड़ कर ) जैसे तैसे, लेखन वाकई में काफी अच्छा है। शायद ऐसा अराजक लिखने का तरीका ही कशी के अस्सी को पन्नो पर प्रकट कर सकता है।
>>501 क्योंकि यह उपन्यास उस वातावरण और उसके रसों को दर्शाता है जो उस्से हमारी संस्कृति का हॄदय बनाते हैं । जैसे उपन्यास आगे भड़ता है , व्यवसाईकरण से शहर और पंडितों पर उसका प्रभाव एवं आस्था पे उसका प्रभाव दिखाया गया है ।

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